छत्तीसगढ़ के 10 प्राकृतिक सुंदरता वाले पर्यटन स्थल।cg tourism - हमर गांव

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Friday, 23 November 2018

छत्तीसगढ़ के 10 प्राकृतिक सुंदरता वाले पर्यटन स्थल।cg tourism


छत्तीसगढ़ राज्य में जहाँ एक ओर कई प्राचीन मन्दिर दर्शनीय है,तो वहीं दूसरी ओर पिकनिक के लिए कई ऐसे स्थान है,जहाँ जाने पर आपको प्रकृति के ऐसे-ऐसे रूप का दर्शन होगा, जिसे देखकर आपका मन खुशी से झूम उठेगा।
दोस्तों इस आर्टिकल में हम छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सुंदरता वाले ऐसे 10 महत्वपूर्ण स्थानों के बारे में बताने वाले हैं जिसे पढ़कर आप उस स्थान के आकर्षण का पता लगा सकते हैं।साथ ही साथ आप जान पाएंगे कि उस स्थान में और कौन-कौन से देखने योग्य पॉइंट है।

1.जंगल सफारी,नन्दन वन,मुक्तांगन पुरखौती-
यदि आप छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों के बारे में जानना चाहते हैं और इन जगहों पे घूमना चाहते हैं,तो आप एशिया का मानव निर्मित सबसे बड़ा जंगल सफारी जरूर जाइए।जंगल सफारी नया रायपुर में ही स्थित है जो कि 900 एकड़ के दायरे में फैला हुआ है वर्तमान में जंगल सफारी निर्माणाधीन है ।

2022तक इसे पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।यहां आपको प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ जंगली जानवरों का भी दर्शन होगा जो कि जंगल मे आपको घूमते मिल जाएंगे।
मुक्तांगन पुरखौती छत्तीसगढ़ के प्राचीन संस्कृति को प्रदर्शित करता यह बहुत ही सुंदर म्यूजियम है।यहां पर छत्तीसगढ़ के लोक नृत्यों,शिकार करने के तरीके,छत्तीसगढ़ के वीर सपूतों के साथ-साथ प्राचीन शिल्पकलाओं को दिखाया गया है। यह लगभग 200 एकड़ में फैला हुआ है और नया रायपुर में ही है। इसका उद्घाटन पूर्व राष्ट्रपति डॉ.ए पी जे अब्दुल कलाम ने किया था।
नन्दन वन प्राकृतिक रूप से निर्मित जंगल है नन्दन वन में गार्डन,बच्चों के लिए झुला आदि की व्यवस्था है। बोटिंग आदि के साथ-साथ जंगली जानवरों आप देख सकते हैं।ये सभी जानवर अपने-अपने बाड़े में घूमते जरूर दिख जाएंगे यहां शेर,भालू,चीतल,लकड़बघ्घा,कछुआ,मगरमच्छ,साम्भर,पक्षी विहार आदि है।

3.मैनपाट-
मैनपाट को छत्तीसगढ़ का शिमला कहा जाता है।मैनपाट सरगुजा जिले में स्थित है,यह जिला मुख्यालय अम्बिकापुर से लगभग 85 किलोमीटर की दूरी पर हरेभरे जंगलों से आच्छादित स्थान है। यहां की छोटी-बड़ी नदिया कई जल प्रपात का निर्माण करती है।
मैनपाट जल प्रपात के साथ-साथ प्राकृतिक सौंदर्य से युक्त है।यहाँ टाइगर पॉइंट,मछली पॉइंट,मेहता पॉइंट,दरोगादरहा जल प्रपात,देवप्रवाह आदि स्थान देखने योग्य है। 

3.दर्शनीय स्थल गिरौदपुरी-यह बलौदाबाजार जिले के अंतर्गत आता है। पर्यटन के दृष्टि से यह स्थान छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थानों में से एक है।यहाँ जोक नदी,छाता पहाड़,पंच कुंडी,चरण कुंड,अमृत कुंड और तपोभूमि आदि घूमने योग्य स्थान है।यहाँ कुटुंबमिनार से भी ऊंचा जैतखाम है जिसे देखने देश विदेश से भी लोग आते हैं।

4.कोटमिसोनार-
कोटमिसोनार छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर से 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।कोटमी सोनार ट्रेन के माध्यम से भी जाया जा सकता है।
कोटमी सोनार मगरमच्छ पार्क के नाम से प्रसिद्ध है यहाँ 400 से भी अधिक मगरमच्छ है।इस पार्क का लोकार्पण 2008-09 में किया गया था। इस पार्क का पानी वाला भाग लगभग 80 एकड़ में फैला हुआ है।

5.तीरथगढ़ जल प्रपात,चित्रकोट जल प्रपात,कुटुमसर गुफा-
तीरथगढ़ जल प्रपात बस्तर का प्रसिद्ध जल प्रपात है।यह जल प्रपात जगदलपुर के दक्षिण पश्चिम में 35 किलोमीटर दूरी पर स्थित है यह झरना भारत के सबसे ऊंचे झरनों में से एक है।इस झरने की ऊंचाई लगभग 300 फिट है।कांगेर नदी और उसकी सहायक नदिया मुनगा और बहार मिलकर इस झरने का निर्माण करती है। यहाँ आने के लिए आपको कांगेरघाटी नेशनल पार्क जाना पड़ेगा।
चित्रकोट जल प्रपात इंद्रावती नदी पर बना जल प्रपात है।इस जल प्रपात को छत्तीसगढ़ का नियाग्रा कहा जाता है।चित्रकोट जगदलपुर से 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

इस जल प्रपात के नीचे वाले हिस्से में बोटिंग का भी मजा लिया जा सकता है।यह जल प्रपात बहुत ही चौड़ा होने के साथ-साथ बहुत ज्यादा पानी धारण करता है।
कुटुमसर गुफा कांगेर घाटी नेशनल पार्क में ही पड़ता है।यहां कुटुमसर गुफा के अलावा कैलाश गुफा और दंडक गुफा भी है।यह गुफा 1 नवम्बर से 15 जून तक खुला रहता है बाकी समय यह बन्द रहता है इस गुफा में बहुत अंधेरा रहता है जमीन की गहराई में नीचे उतरना पड़ता है।यह गुफा 72 फिट गहरा है और 330 मीटर लम्बा है।गुफा के अंदर बहुत सारे जीव जंतु रहते हैं।इस गुफा के गहराई में अंधी मछली पाई जाती है,जो विश्व विख्यात है।

6.जतमई, घटारानी जल प्रपात-
यह स्थान रायपुर से 80-90 किलोमीटर दूर है।यह स्थान रायपुर जिले के अंतर्गत आता है। ।दोनों ही जगह जल प्रपात और माता का मंदिर है।यहां जाने के लिए सितम्बर,अक्टूबर का महीना अच्छा होता है क्योंकि सितम्बर के आस-पास यहाँ जल का प्रवाह  रहता है।गर्मी के मौसम में पानी सूख जाता है।यहाँ का हरेभरे पेड़ पौधे मन को मोह लेता है।
जतमई ,जल प्रपात के साथ-साथ पिकनिक के लिए बहुत ही सुंदर स्थान है।जल प्रपात के नीचे कुंड है, जहाँ लोग स्नान करते हैं।यह जल प्रपात गर्मी के दिनों में सुख जाती है।यह स्थान जंगल के बीच बसे होने के कारण प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण है।
जतमई और घटारानी की दूरी15-20 किलोमीटर है,पर यदि आप शार्टकट से होकर जाते हैं,तो दोनों के बीच की दूरी 7 किलोमीटर है।

7.केंदई जल प्रपात-
केंदई जल प्रपात कोरबा जिले में स्थित है।यह स्थान पिकनिक के लिए बहुत ही सुंदर स्थान है,यहां जल प्रपात के साथ-साथ सुंदर झील भी है।जंगल पहाड़ों के बीच केंदई जल प्रपात की सुंदरता देखते ही बनती है।यहाँ झील में नौका विहार का जमा लिया जा सकता है। इसे गोल्डन आइसलैंड के नाम से भी जाना जाता है।

8.बांगो बांध-
हसदेव बांगो परियोजना जो कि महानदी की सहायक नही हसदेव नदी पर बना परियोजना है।यह बांध छत्तीसगढ़ का सबसे ऊंचा बांध है। इस परियोजना का शुरुआत प्रथम महिला सांसद मिनीमाता के नाम से 1980 के दशक में हुआ था।यह स्थान पिकनिक के लिए बहुत ही सुंदर स्थान है।जंगल के बीच मे स्थित होने के कारण प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण है। इस बांध के पानी से सिचाई के साथ-साथ विद्युत पैदा किया जाता है।

9.गंगरेल बांध-

गंगरेल बांध धमतरी जिले के अंतर्गत आता है।धमतरी से यहाँ की दूरी लगभग 15किलोमीटर है ।बांगो बांध में विद्युत परियोजना स्थापित है,जहाँ पानी से विद्युत पैदा किया जाता है।



इस बांध के किनारे अंगारमोती माता का मंदिर है।माना जाता है यह वन देवी बांध की रक्षा करती है।बांध में नौका विहार का मजा लिया जा सकता है।बांध के दूसरी ओर छोटा सा गार्डन है,जिसमें परिवार के साथ समय व्यतीत किया जा सकता है।

10.बारनवापारा-

बारनवापारा अभ्यारण है।यहाँ आप वन्य जीवों को जंगल में उनके प्राकृतिक अवस्था में घूमते देख सकते हैं।

बारनवापारा में शेर,वनभैंसा,हिरन,लकड़बघ्घा,साही,लोमड़ी आदि जंगली जानवरों को आसानी से देख सकते हैं।बारनवापारा महासमुंद जिले के उत्तरी भाग में स्थित है।1972 में इसे अभ्यारण का दर्जा प्राप्त हुआ था।यदि आप प्रकृति प्रेमी हैं तो इस वन्य जीवों से भरपूर स्थान में घूमने जरूर जाएँ ।

इसे भी पढ़ें-छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थल पार्ट-1

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