निःशक्त/दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के लिए आवेदन करने की पूरी जानकारी-छत्तीसगढ़। divyang vivah yojana-cg



निःशक्त/दिव्यांग प्रोत्साहन योजना-छत्तीसगढ़।आवेदन कब,कहाँ और कैसे करें।divyang vivah protsahan yojana

दोस्तों नमस्कार, छत्तीसगढ़ ऑनलाइन योजनाओं की पूरी जानकारी के क्रम में आज हम एक नई योजना के बारे में आप लोगों को बतानें जा रहे हैं,जो कि हमारे दिव्यांग भाई-बहनों के लिए कुछ हद तक मददगार साबित हो सकता है।

जी हाँ दोस्तों आज हम आपको छत्तीसगढ़ निःशक्त विवाह योजना के बारे में बताने जा रहे हैं।निःशक्त विवाह योजना के अंतर्गत विवाह करने वाले जोड़े में कोई एक निःशक्त की श्रेणी में आता है,तो उसे छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 50 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिया जाता है,यदि लड़का और लड़की दोनों दिव्यांगता के श्रेणी में आते हैं तो 50-50 हजार रुपये  अर्थात 1लाख रुपये प्रोत्साहन के रूप में दिया जाता है।
दोस्तों आप इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़ें,क्योंकि हम इस आर्टिकल में निःशक्त विवाह योजना की पूरी जानकारी जैसे- इस योजना का उद्देश्य क्या है,इसका लाभ कौन-कौन ले सकते हैं,आवेदन करने के लिए कौन-कौन से दस्तावेजों की आवश्यकता होगी,कहाँ आवेदन करना है आदि - आदि।  आपको बताने वाले हैं।

छत्तीसगढ़ निःशक्त विवाह योजना-
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा दिव्यांग भाई बहनों के वैवाहिक जीवन की नई शुरुवात के लिए एक योजना का शुरुवात किया गया है जिसके अंतर्गत यदि शादी करने वाले जोड़े में से कोई एक दिव्यांग है तो राज्यशासन के द्वारा 50 हजार और यदि शादी करने वाले जोड़े में से दोनों दिव्यांग हैं तो राज्य शासन द्वारा 1 लाख रुपये प्रोत्साहन राशि दिया जाता है।ईसे ही निःशक्त विवाह प्रोत्साहन योजना का नाम दिया गया है।इस प्रोत्साहन योजना का मुख्य उद्देश्य नव विवाहित जोड़े को सामाजिक पुनर्वास के रूप में आर्थिक सहयोग प्रदान करना है।

छत्तीसगढ़ निःशक्त विवाह योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ-
इस योजना के अंतर्गत निःशक्त दम्पत्ति में, किसी एक का दिव्यांग होने पर 50 हजार और दोनों के दिव्यांग होनें पर 1 लाख रुपये एकमुश्त दिया जाता है।


छत्तीसगढ़ निःशक्त विवाह प्रोत्साहन योजना के लिए पात्रता-
1.छत्तीसगढ़ निःशक्त विवाह प्रोत्साहन योजना का लाभ लेने के लिए किसी एक जो दिव्यांग हो छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना आवश्यक है।

2.दिव्यांगता 40 प्रतिशत या उससे अधिक होना चाहिए।

3.लड़के का उम्र कम से कम 21 वर्ष और अधिकतम 45 से ज्यादा नही होना चाहिए ।

4.लड़की का उम्र न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 45 वर्ष से ज्यादा नही होना चाहिए।

5.आयकर दाता की श्रेणी में नही आना चाहिए।

6.विवाह के छः महीने के अंदर आवेदन करना अनिवार्य है।

7.विवाह करने वाले दम्पत्ति में पुरूष का विवाह पहली बार हो रहा हो,दूसरी शादी में मान्य नही होगा।

आवश्यक दस्तावेज-
1.आधारकार्ड।
2.राशनकार्ड।
3.दिव्यांगता प्रमाण पत्र।
4. विवाह प्रमाण पत्र-पार्षद,सरपंच के द्वारा जारी किया हुआ मान्य होगा।
5. पासपोर्ट फोटो।
6.विवाह का फोटो।
7.आयु प्रमाण पत्र।
8.जाति प्रमाण पत्र।
9आय प्रमाण पत्र।
ऊपर दिए गए लिंक को क्लिक करते ही फार्म का pdf फाइल खुल जायेगा।उसे डाउनलोड कर प्रिंट करा लेना है।


आवेदन कब और कहाँ और कैसे करें-

इस योजना के अंतर्गत आवेदन करने वाले हितग्राही को विवाह के छः महीने के अंदर आवेदन करना अनिवार्य होगा। आवेदन फार्म को प्रिंट कराकर सभी जानकारी को भर लेना है।अब आवेदन को संयुक्त संचालक/उप संचालक समाज कल्याण जिला कार्यालय में जमा करना है। जमा करने का रसीद जरूर प्राप्त कर लेना है।

चयन प्रक्रिया-
आवेदन जमा करने के बाद संयुक्त संचालक/उप संचालक समाज कल्याण की अनुशंसा पर जिला कलेक्टर द्वारा यह राशि स्वीकृत किया जाता है।

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दोस्तों इस जानकारी को हमारे दिव्यांग भाई-बहनों तक जरूर पहुँचाएँ,इसके लिए आपको इस आर्टिकल को अधिक से अधिक शेयर करना पड़ेगा तो दोस्तों इस आर्टिकल को अधिक से अधिक जरूर शेयर करें।इस योजना के सम्बंध में यदि आपके मन में कोई सवाल हो तो आप नीचे दिए कमेंट बॉक्स में लिखकर पूछ सकते हैं।धन्यवाद दोस्तों

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