छत्तीसगढ़ धान खरीदी पंजीयन/ संशोधन फार्म कैसे भरें ( फॉर्म भरते समय सामान्य तौर पर होने वाली गलतियाँ ) Dhan kharidi panjiyan form kaise bharen chhattisgarh

हेलो  फ्रेंड्स, छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर धान  विक्रय हेतु किसान पंजीयन  फार्म भरते समय सामान्य तौर पर होने वाले गलतियों से जुड़ी जानकारी के साथ एक बार पुनः आपका हमारे वेबसाइट पर स्वागत है। आज हम जानेंगे कि धान खरीदी हेतु किसान पंजीयन /संशोधन फार्म भरते समय सामान्य तौर पर कौन-कौन सी गलतियां होती है, और उसे कैसे सुधारा जा सकता है?

हो सकता है यदि आपके फार्म में अधिक त्रुटि होता है,उस स्थिति में आप धान विक्रय करने से वंचित भी हो सकते हैं। इसलिए पंजीयन/ संशोधन  आवेदन फार्म फील करते समय विशेष सावधानी रखने की जरूरत है। नीचे सामान्य तौर पर पंजीयन /संशोधन फार्म भरते समय होने वाली गलतियों के बारे में बताया गया है, जिसके मदद से आप अपने फार्म को बिना किसी गलती के फील कर सकते हैं।

पंजीयन हेतु पात्रता -

समस्त श्रेणी के भू स्वामी तथा पट्टाधारी कृषक को पोर्टल में पंजीयन करने की पात्रता होगी |

मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना अंतर्गत वन पट्टा धारक ,ग्राम पंचायण एवं संयुक्त वन प्रबन्धन समिति जो अपने भूमि वृक्षारोपण करते हैं ,उन्हें पोर्टल में पंजीयन की पात्रता होगी |

धान खरीदी 2022-23 हेतु पंजीयन/ संशोधन की तिथि-

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 2022- 23 में समर्थन मूल्य पर ध्यान खरीदी हेतु किसानों को पंजीयन तथा संशोधन के लिए 31 अक्टूबर 2022 तक का समय दिया गया है। ऐसे किसान जिनका पंजीयन नहीं हुआ है, पंजीयन कराना चाहते हैं, वे उक्त तिथि के अंदर आवेदन फार्म भर कर जमा कर सकते हैं।

उन किसानों को किसी भी तरह से पंजीयन या संशोधन कराने की आवश्यकता नहीं है जो अपने रकबा को यथावत रखना चाह रहे हैं अर्थात जिनका पूर्व में पंजीयन हो चुका है और वे अपने रकबा में किसी तरह से आप फेरबदल नहीं करना चाहते। परंतु जो किसान अपने रकबा में संशोधन कराना चाहते हैं, वह 31 अक्टूबर 2022 तक संशोधन फार्म भर कर जमा कर सकते हैं।

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आवेदन फॉर्म कहां जमा करें-

जो भी किसान पंजीयन कराना चाहते हैं या अपने रकबे में संशोधन कराना चाहते हैं, वे 31 अक्टूबर 2022 से पहले पूर्ण रूप से भरा हुआ आवेदन फार्म अपने क्षेत्र के पटवारी या कृषि विस्तार अधिकारी के पास जमा कर सकते हैं क्योंकि ऑनलाइन आवेदन या संशोधन की सुविधा नहीं दी गई है।

धान खरीदी पंजीयन /संशोधन हेतु फार्म भरते समय सामान्य तौर पर होने वाली गलतियां-

1.गलत फार्म का चयन- 

पंजीयन संशोधन से जुड़ी जो ज्यादातर गलतियां देखने को मिलती है , उसमें किसान भाई पंजीयन फार्म के स्थान पर संशोधन फार्म और संशोधन फार्म के स्थान पर पंजीयन फार्म का चयन कर लेते हैं। जिसके कारण फॉर्म ऑनलाइन सबमिट करने में त्रुटि होती है या फिर पंजीयन या संशोधन नहीं हो पाता है।

इसके लिए किसान भाइयों को इस बात को ध्यान में रखना होगा, कि यदि आप नए कृषक के तौर पर पंजीयन कराना चाहते हैं तब आपको प्रपत्र क्रमांक एक और यदि आप पहले से पंजीकृत  कृषक हैं और अपने रकबे में किसी तरह का संशोधन कराना चाह रहे हैं तब आपको प्रपत्र क्रमांक दो का चयन करना है।

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2.कृषि भूमि ग्राम /निवासी ग्राम-

धान खरीदी हेतु नवीन पंजीयन या संशोधन फार्म भरते समय सामान्य तौर पर जो दूसरी तरह की गलतियां होती है, यह उन किसानों के साथ होता है, जिन का निवास ग्राम और कृषि भूमि ग्राम अलग-अलग होता है। जबकि फार्म में दोनों ही जगह एक ही ग्राम का नाम दर्ज कर देते हैं।

ऐसे किसान जिनका निवास ग्राम और कृषि भूमि ग्राम अलग अलग है, उनको फार्म भरते समय विशेष सावधानी रखना चाहिए, निवास स्थान वाले कॉलम में जो जिस ग्राम में निवासरत है, उसका नाम दर्ज करना चाहिए और कृषि भूमि ग्राम में उस ग्राम का नाम दर्ज करना चाहिए जिस ग्राम के दायरे में खेत आता है।

3.आधार क्रमांक दर्ज नहीं करना या गलत आधार नंबर-

धान खरीदी पंजीयन / संशोधन हेतु तीसरी सबसे बड़ी गलतियां जो किसान भाइयों से होती है वह है, आधार क्रमांक दर्ज नहीं करना या गलत आधार  क्रमांक दर्ज हो जाना। इससे संबंधित का फार्म ऑनलाइन नहीं हो पाता है,क्योंकि एकीकृत किसान पोर्टल को UIDAI  से सत्यापित किया गया है।
 किसान भाइयों फार्म भरते समय आधार नंबर को ध्यान से दर्ज करना चाहिए। फार्म में आधार नंबर को आवश्यकता अनुसार दो से तीन बार जरूर चेक जरूर करें।


4.बैंक खाता या IFSC कोड का गलत दर्ज होना-

फार्म भरते समय यदि आपके बैंक अकाउंट या आईएफएससी कोड में किसी तरह की कोई त्रुटि हो जाती है उस स्थिति में आप का फार्म ऑनलाइन नहीं हो पाता है क्योंकि अकाउंट नंबर को आपके आधार नंबर के थ्रू आपके नाम से वेरीफाइड किया जाता है उसके बाद ही फार्म ऑनलाइन सबमिट होता है।

5.सदस्यता क्रमांक दर्ज नहीं होना-

यदि आपके द्वारा भरे गए फार्म में समिति द्वारा दिए गए सदस्यता क्रमांक दर्ज नहीं है उस स्थिति में आप का फार्म ऑनलाइन सबमिट तो हो जाएगा परंतु धान विक्रय करते समय टोकन जारी करने में परेशानी हो सकती है, क्योंकि टोकन जारी करते समय  संबंधित  कृषक को टोकन जारी नहीं किया जा सकता का  नोटिफिकेशन  प्राप्त होने लगता है।

जो भी किसान  धान विक्रय हेतु नवीन पंजीयन करा रहे हैं उन्हें आवेदन करने से पहले संबंधित समिति से सदस्यता क्रमांक जरूर प्राप्त कर लेना चाहिए।

6.कॉलम नंबर 13 और 14 में गलत जानकारी दर्ज करना-

फार्म भरते समय कॉलम नंबर 13 और 14 को फील करते समय आपको विशेष सावधानी रखनी होती है। किसान भाई कालम नंबर 13 में भरे जाने वाले जानकारी को कालम नंबर 14 में दर्ज कर देते हैं।
  यदि आप नवीन किसान के रूप में पंजीयन कराने जा रहे हैं, उसी स्थिति में आपको भी जानकारी कॉलम नंबर 13 में ही दर्ज करना है जैसे खसरा नंबर का  छूट जाना, क्रय किए गए नवीन भूमि। कॉलम नंबर 14 में ऐसे फसल से जुड़ी जानकारी दर्ज करनी है जिसमें आपने धान के स्थान पर कोई अन्य फसल लगाए हैं  अन्यथा कॉलम नंबर 14 को कट कर देना है।



7.मोबाइल नंबर दर्ज नहीं करना-

यदि फार्म में आपने वर्तमान में चालू स्थिति वाला मोबाइल नंबर दर्ज नहीं किया है और यदि फार्म ऑनलाइन करते समय किसी तरह की कोई गलती सामने आती है, तब समिति आपसे संपर्क नहीं  कर पाएगी उसी स्थिति में आपका फार्म ऑनलाइन नहीं हो पाएगा।

इसलिए किसान भाई आप फार्म भरते समय उस मोबाइल नंबर को ही दर्ज करें जो वर्तमान में कार्यशील हो। ताकि आवेदन फार्म में किसी तरह की त्रुटि होने पर समिति आपसे संपर्क कर सके।


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